निषाद विकास संघ भारत में निषाद समाज
निषादविकाससंघभारतमेंनिषादसमाज
निषाद विकास संघ भारत में निषाद समाज तथा इसकी सभी उपजातियों के उत्थान के लिए कार्य करने वाली सामाजिक संस्था है. इसकी स्थापना सन ऑफ़ मल्लाह के नाम से मशहूर श्री मुकेश सहनी ने किया था. वर्ष 2010 से NVS बिहार, उत्तर प्रदेश तथा देश के अन्य राज्यों में निषादों को आरक्षण सहित सारे हक़-अधिकार दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है.
निषाद विकास संघ का मुख्य उद्देश्य निषाद समाज को अपने अधिकारों को पाने के लिऐ शिक्षित और संगठित करके सामाजिक जागरूकता पैदा करना, निषाद वंशियों को आरक्षण सहित सारे हक़-अधिकार दिलवाना,केन्द्र में मछुआरा आयोग का गठन करवाना तथा अपने समाज के प्रतिनिधियों को राजनीति में हिस्सेदारी दिलवाना है. इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सन ऑफ़ मल्लाह के नेतृत्व में संघ के लाखों पदाधिकारियों की टीम निरंतर कार्य कर रही है.
साथ ही NVS गृहविहीन मछुआरों को सरकारी प्रावधानों के तहत घरों का आवंटन करवाने, मछुआरों के पढ़ने वाले बच्चों के लिऐ छात्रावासों का निर्माण करवाने, जंगली की तरह जीवन निर्वाह करने वाले मछुआरों को आदिवासी का दर्जा दिलवाने, मछली के उत्पादन हेतु हेचरी निर्माण का हक केवल मछुआरों को दिलवाने, तालाबों और झीलों को अतिक्रमण से मुक्त करवाकर मछुआरों को दिलवाने तथा विधानसभा/लोकसभा और राज्य-सभा में निषादों की सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करवाने के प्रयास में दिन-रात सक्रिय है. 16 फ़रवरी सन 2014 को दरभंगा के राज मैदान में मुकेश जी ने NVS के बैनर तले प्रमंडलीय निषाद समाज अधिकार सम्मेलन का आयोजन किया जिसे टी.वी. और मीडिया ने बिहार राज्य में निषाद समाज के अधिकारों के लिऐ शुरू होने वाली निषाद क्रांति का दर्जा दिया. यह बिहार की राजनीति में निषादों के दबदबे की शुरुआत थी. NVS तथा मुकेश जी की लड़ाई के परिणामस्वरूप बिहार में सभी दलों ने निषादों को हाथो-हाथ लेना शुरू कर दिया.
2014 के लोकसभा तथा 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में NVS के प्रयासों से कई निषादवंशियों को विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा आजादी के बाद सबसे ज्यादा टिकट दिया गया. उनमें से कई आज सत्ता तथा विपक्ष में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराए हुए हैं. साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय भी संघ के प्रयासों से राज्य के निषादों में सरकार गठन में अहम भूमिका अदा की. NVS के प्रयासों से दोनों राज्यों में निषादों को राजनीति में महत्वपूर्ण भागीदारी मिली. NVS ने बिहार में विभिन्न स्थानों पर गौशाला निर्माण का कार्य किया है. साथ ही समस्तीपुर तथा मुजफ्फरपुर में बाबा केवल महाराज तथा जहानाबाद में महाराज गुहराज निषाद की प्रतिमा की स्थापना करवाकर निषाद समाज की गौरवशाली विरासत को सहेजने का कार्य किया है. साथ ही उत्तर प्रदेश के इलाहबाद स्थित श्रंगबेरपुर में भगवान गुहराज निषाद प्रतिमा की स्थापना भी करवाई है.
संघ बिहार के हर जिले में रथ यात्रा निकालकर राज्य के निषादों को एक धागे में पिरोने में कामयाब हुई है. साथ ही उत्तर प्रदेश के इलाहबाद, भदोई, मिर्जापुर, बनारस, चंदौली, जौनपुर, सोनभद्र, आज़मगढ़, अम्बेडकर नगर, फ़ैज़ाबाद, गाज़ीपुर, बलिया, मऊ, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, कानपुर, उन्नाव, गोंडा, बस्ती, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़ सहित दर्जनों जिलों में रथ यात्रा के माध्यम से निषादों को एकजुट किया है. ४ सितम्बर २०१५ को सन ऑफ़ मल्लाह ने NVS के बैनर तले आरक्षण की मांग को लेकर पटना में राजभवन मार्च का ऐलान किया. निषाद समाज के इस राजभवन मार्च में हज़ारों की तादाद में निषाद बंधुओं ने भाग लिया. इस मार्च के दौरान निषाद समाज के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बर्बरता से लाठी चार्ज किया जिसमें हज़ारों निषादबंधु बुरी तरह से घायल हुऐ. लेकिन इसका असर यह हुआ कि नीतीश सरकार के राज्य-मंत्री मण्डल ने 24 घंटे के अंदर ही निषाद समाज की मांगों की अनुशंसा केन्द्र सरकार भेज दिया.
आज निषाद आरक्षण के लिए आवश्यक एथ्नोग्रफिक रिपोर्ट तैयार करने का कार्य अंतिम चरण में है. संघ के पदाधिकारियों की देखरेख में रिपोर्ट तैयार करने का कार्य किया जा रहा है. आरक्षण की मांग को लेकर संघ द्वारा 4 फ़रवरी 2018 को पटना के एस के मेमोरियल हॉल में ‘SC/ST आरक्षण अधिकार सम्मलेन’ का आयोजन किया. सम्मलेन में हजारों निषादों की उपस्थिति में सन ऑफ़ मल्लाह ने आरक्षण के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया. इसी कड़ी में आगामी 10 मार्च को बिहार के हर जिला मुख्यालय पर एकसाथ आरक्षण के लिए धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. संघ में आज लगभग डेढ़ लाख पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है. साथ ही जून 2018 तक तीन लाख पदाधिकारियों की नियुक्ति का लक्ष्य भी पूरा कर लिया जाएगा. NVS आज पूरे भारत में अपने तरह का एकमात्र जातिगत संगठन बनकर उभरा है. अत्यंत कम समय में संघ के प्रयासों के निषाद एकता की चट्टानी मजबूती देश में एक मिशाल है. सन ऑफ़ मल्लाह ने जून 2018 तक आरक्षण नहीं मिलने की स्थिति में अक्टूबर महीने में पटना के गाँधी मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन कर अपनी पार्टी बनाने का ऐलान किया है